मातृभूमि - मैथलीशरण गुप्त | Matribhoomi - Maithilisharan Gupt

कविता, हिंदी कविता, हिंदी में कविता, poems in hindi, Hindi poems के लिए हमें सब्सक्राइब करें। नीलांबर परिधान हरित तट पर सुन्दर है। सूर्य-चन्...

पुष्प की अभिलाषा - माखनलाल चतुर्वेदी | Pushp Ki Abhilasha - Makhanalal Chaturvedi

कविता, हिंदी कविता, हिंदी में कविता, poems in hindi, Hindi poem के लिए हमें सब्सक्राइब करें। चाह नहीं, मैं सुरबाला के  गहनों में गूँथा जाऊँ,...

अभी समय है, अभी नहीं कुछ भी बिगड़ा है - सियारामशरण गुप्त

कविता, हिंदी कविता, हिंदी में कविता,  poems in hindi, Hindi poems के लिए हमें सब्सक्राइब करें। Importance of time अभी समय है, अभी नहीं कुछ भ...

ग्राम्य जीवन - मैथलीशरण गुप्त | Gramy Jeevan - Maithilisharan Gupt

कविता, हिंदी कविता, हिंदी में कविता,  poems in hindi, Hindi poems के लिए हमें सब्सक्राइब करें। अहा ग्राम्य जीवन भी क्या है, क्यों न इसे सबका...

झाँसी की रानी - सुभद्रा कुमारी चौहान | Jhansi Ki Rani - Subhadra Kumari Chauhan

सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी, बूढ़े भारत में आई फिर से नयी जवानी थी, गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी, दूर फिरंगी को करने...

नर हो न निराश करो मन को - मैथलीशरण गुप्त | Nar Ho Na Nirash Karo Man Ko - Maithilisharan Gupt

A man in tension नर हो, न निराश करो मन को कुछ काम करो, कुछ काम करो जग में रह कर कुछ नाम करो यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो समझो जिसमें यह व्यर्थ न...

हिमालय - सोहनलाल द्विवेदी | Himalaya - Sohanlal Dwivedi (प्रेणादायक कविता)

युग युग से है अपने पथ पर  देखो कैसा खड़ा हिमालय!  डिगता कभी न अपने प्रण से  रहता प्रण पर अड़ा हिमालय!  जो जो भी बाधायें आईं  उन सब से ही लड़...

आज तिरंगा फहराता है - संजीवन मयंक (देशभक्ति कविता)

आज तिरंगा फहराता है, अपनी पूरी शान से । हमें मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।। आज़ादी के लिए हमारी लंबी चली लड़ाई थी। लाखों लोगों ने प्र...
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